मिडिल ईस्ट में भीषण जंग लगातार जारी है। अमेरिका और इजरायल साथ मिलकर ईरान पर लगातार हमला कर रहे हैं तो वहीं, ईरान भी जंग में डटा हुआ है और इजरायल समेत खाड़ी के अन्य देशों पर लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहा है। दूसरी ओर मिडिल ईस्ट में जारी इस जंग को लेकर अमेरिका और यूरोप भी आमने-सामने हो गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार फ्रांस और ब्रिटेन के ऊपर उसकी मदद न करने के लिए निशाना साध रहे हैं। अब फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी डोनाल्ड ट्रंप तीखा निशाना साधा है।
क्या बोले इमैनुएल मैक्रों?
मिडिल ईस्ट में जारी जंग को लेकर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने डोनाल्ड ट्रंप पर निशाना साधते हुए कहा- हमें गंभीर होना होगा। और जब हम गंभीर होते हैं, तो हमने जो बात कल कही है आज ठीक उसका उल्टा नहीं करते। शायद हमें हर दिन बोलने की जरूरत नहीं है; हमें बस स्थिति को शांत करना चाहिए और स्थायी शांति स्थापित करनी चाहिए।
सैन्य हमले से हल नहीं निकलेगा- मैक्रों
ईरान को लेकर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने गुरुवार को कहा- "6 महीने पहले हमें बताया गया था कि सब कुछ तबाह हो चुका है और मामला सुलझ गया है। हालांकि, स्पष्ट रूप से, ऐसा नहीं था। अंतरराष्ट्रीय निरीक्षकों द्वारा सामग्री, रिसर्च और गुप्त जगहों की जांच किए बिना, यह मामला गंभीर नहीं है। जब तक स्थायी निगरानी नहीं होगी, विशेषज्ञता और संभावित रूप से गुप्त सुविधाएं हमेशा मौजूद रहेंगी। कुछ हफ्तों के सैन्य हमले परमाणु के मुद्दे को दीर्घकालिक तौर पर हल नहीं कर सकते। राजनयिक और तकनीकी समझौते के बिना, स्थिति कुछ महीनों या वर्षों में फिर से बिगड़ सकती है। यही बात बैलिस्टिक क्षमताओं पर भी लागू होती है - उनकी निगरानी बातचीत के माध्यम से की जानी चाहिए।"
ट्रंप ने मैक्रों को लेकर क्या कहा था?
बता दें कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार फ्रांस पर निशाना साध रहे हैं। ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि फ्रांस ने इजरायल के लिए सैन्य सामग्री लेकर जा रहे विमान को अपने क्षेत्र से गुजरने की मंजूरी नहीं दी थी और अमेरिका इसे याद रखेगा। वहीं, ट्रंप ने हाल ही में कहा है कि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की पत्नी उनके साथ बहुत खराब व्यवहार करती हैं। ट्रंप ने कहा कि मैक्रों अब तक जबड़े पर पड़े थप्पड़ की चोट से उबरे नहीं हैं।
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